
चंबा। अपनी मांगों को लेकर कामगारों ने रविवार को मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष जय सिंह की अगुवाई में उपायुक्त आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। करीब आधा घंटे तक धरने पर डटे मजदूरों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस मौके पर वे उपायुक्त से मिले। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि जिले में जो भी काम ठेकेदार के माध्यम से हो रहे हैं, उसमें स्थानीय युवकों की जगह प्रवासियों को लगाया जा रहा है। इसके अलावा ईपीएफ के नाम पर भी युवाओं से धोखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई युवकों को दो-दो साल से ईपीएफ नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा कार्य के दौरान कोई चोटिल हो जाता है तो उसे मेडिकल सहायता भी नहीं दी जा रही है, जबकि उनकी दैनिक मजदूरी काट ली जाती है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। वे मर्जी से मजदूरों को काम पर रख रहे हैं और मनमर्जी से निकाल रहे हैं। इसके अलावा मासिक मानदेय भी समय पर नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार दो-दो माह बाद मानदेय मिलता है। कामगार रोशन, आकाश, अमन, चीकू, विकास, शिवम, सुरेंद्र, सोनिया, परमेश अनूप और ज्योति ने बताया कि वे ठेकेदारी प्रथा से काफी तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार उनकी मजबूरियों का फायदा उठाकर उनका शोषण कर रहे हैं। इसके चलते उन्होंने ठेकेदारी प्रथा को बंद करने की अपील की है। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने मजदूरों को जल्द मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है।
